कंगन ..
पिघला कर ,
एक कंगन बनवा लूँगी ,
और उस पर जड़ूँगी ,
तेरी आँखों के मोती ,
तेरी पलकों के आँसू ,
तेरी मुस्कान की हर एक शिकन ,
तेरे पसीने की इक बूंद ,
तेरा एक बूंद लहू ,
और उसे दिल में सँजो कर रखूंगी ,
तेरी उस याद की तरह ,
जो मुझे छोड़ के जाती ही नहीं ,
और मेरी रूह में जज़्ब है ,
तेरे प्यार के उनवान के जैसा ...........
जो सिर्फ मेरे लिए हो ,
जिसे मैं ही देखूँ ,
जिसे मैं ही पहनूँ .........
02/02/2011



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